Konkan Kabhi Gehare samandar lyrics

6:09:00 AM Rahul Gawale 1 Comments


कभी गहरे समंदर कि गहराईया ,
कभी उंचे पहाडो कि उंचाईया ,  …. २ ।।

तू ही अम्बुआकि छायामे खोया मितवा ,
मेरे कण कण मे कोकण समाया मितवा ।

कोकण ची चिडवा हो नाखवा,
हो हिच्या गोवाला कोकण दाखवा .

हो अशी
कोकण ची चिडवा हो नाखवा,
हो हिच्या गोवाला कोकण दाखवा .
हय्या हो हय्या  हो …

लाल मिट्टी कि लाली  काया मेरी
  रात जैसे है जुल्फो कि छाया मेरी  ---२

होंट कोकण के जैसे गुलाबी मितवा ….
धुळे चावल भी साफ दिल ही मितवा …

कोकण ची चिडवा हो नाखवा,
हो हिच्या गोवाला कोकण दाखवा .

हो अशी
कोकण ची चिडवा हो नाखवा,
हो हिच्या गोवाला कोकण दाखवा .
हय्या हो हय्या  हो …

जाब भी छुकर गुजरते हो मन को मेरे ….
जैसे मृद्गंध आता ही तन से मेरे ….---२

मैने यऊ युं तेरी आशा हंसी चे मितवा ….
नारियल कि भी पेडो से उंचे मितवा ….

कोकण ची………… 

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